Print

सड़कों को वित्तपोषण

पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़कों का वित्तपोषण

 

1. सड़कें उत्तरपूर्वी राज्यों की एकल सर्वाधिक महत्वपूर्ण विकास मांगों में एक हैं । पूर्वोत्तर में सड़कों का घनत्व राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है ।

 

व्यापार और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक आधार उपलब्ध कराने के लिए सभी स्तरों पर राष्ट्रीय राजमार्गों से ग्रामीण सड़कों और यहां तक कि माल ढुलाई वाले मार्गों तक सड़क नेटवर्क के विस्तार रखरखाव और सुधार के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विजन 2020 और 11वीं पंचवर्षीय योजना में भी महत्वपूर्ण रूप से जोर दिया गया है । पूर्वोत्तर में प्रतिव्यक्ति सड़क नेटवर्क शेष देश की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से उच्चतर होने के बावजूद प्रति यूनिट क्षेत्र सड़क लम्बाई कम है ।

 

अत: पूर्वोत्तर में सभी स्तरों पर सड़कों का निर्माण केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारों की उच्चतम प्राथमिकता है । सरकार द्वारा विभिन्न स्रोतों से पूर्वोत्तर में सड़क निर्माण और सुधार के लिए एक सघन कार्यक्रम शुरू किया गया है ।

 

पूर्वोत्तर में सड़क क्षेत्र के लिए अनुमानित आबंटन

 

2. निधियों का एक कच्चा अनुमान तैयार किया गया है जिनके 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान परिवहन क्षेत्र पर खर्च किए जाने की सम्भावना है । इनमें निम्नलिखित शामिल हैं :-

  1. उत्तर पूर्वो भारत के आठ राज्यों कद्वारा परिवहन क्षेत्र के लिए किया गया योजना आबंटन
  2. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए योजना आबंटन
  3. सड़कों के लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पूर्वोत्तर के लिए कुल योजना आबंटन
  4. योजना आयोग की सलाह के अनुसार राज्य सरकार के परिवहन क्षेत्र के लिए किए गए 90 प्रतिशत आबंटन को सड़कों के लिए लिया गया है ।
  5. इसमें अनुमानत: 2000 करोड़ रूपये प्रत्येक से शामिल हैं, जिसमें सीमा सड़क संगठन, पूर्वोत्तर परिषद और डोनर मंत्रालय द्वारा अंशदान दिया जाना है ।
  6. 11वीं पंचवर्षीय योजना में सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के लिए आबंटित धनराशि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 10 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया है ।

3. उपर्युक्त सभी पैरामीटरों पर विचार करते हुए कच्चे अनुमानों से कि उत्तरपूर्वी भारत के आठ राज्यों में सड़क निर्माण सम्बन्धी सम्भावित आबंटन 26000 करोड़ रूपये से 31000 करोड़ रूपये के बीच हो सकता है (डा. श्रीमती आई. के. बड़ठाकुर, सदस्य, एन.ई.सी. का सं. एन.ई.सी. /एम.ई.एम. (1/एनएच/2005 दिनांक 2.4.2008 को माननीय मंत्री डोनर, श्री मणिशंकर अययर को लिखा गया पत्र)

 

4. पूर्वोत्तर में सड़कों का वित्तपोषण विभिन्न स्तरों पर और राज्य और केन्द्रीय सरकार के बहुत से विभागों और मंत्रालयों द्वारा किया जाता है । सड़कों की विभिन्न श्रेणियां इस प्रकार हैं:-

  1. राष्ट्रीय राजमार्ग
  2. राज्य राजमार्ग
  3. मुख्य जिला सड़कें
  4. अन्य जिला सड़कें
  5. ग्रामीण सड़कें
  6. वन सड़कें
  7. शहर की सड़कें
  8. सीमावर्ती सड़कें
  9. सामान्य स्टाफ सड़कें
  10. सामरिक महत्व की सड़कें

5. सड़कों के वित्तपोषण/निर्माण/रखरखाव में बहुत से संगठन शामिल हैं, जिनके तहत स्कीमें और परियोजनाएं चलाई जाती हैं, इनमें से कुछ परियोजनाएं इस प्रकार हैं:-

 

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अन्तर्गत

 

  • राष्ट्रीय राजमार्ग (मूल)
  • राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव एवं मरम्मत
  • राज्य सड़कों के लिए केन्द्रीय सड़क निधि
  • अन्तर्राज्यीय सड़क सम्पर्क
  • आर्थिक महत्व की सड़कें
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र हेतु विशेष त्वरित सड़क विकास कार्यक्रम
  • अरूणाचल सड़क पैकेज

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अन्तर्गत

 

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
  • नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित सड़कें
  • कृषि सम्पर्क सड़कें

डोनर मंत्रालय के अन्तर्गत

 

  • पूर्वोत्तर परिषद
  • अव्यवपगत केन्द्रीय संसाधन पूल

शहरी विकास मंत्रालय के अन्तर्गत

 

  • जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन
  • छोटे एवं मझोले शहरों हेतु शहरी अवसंरचना विकास स्कीम
  • छोटे एवं मझोले शहरों का समेकित विकास
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र और सिक्किम के लाभ हेतु परियोजनाओं/स्कीमों हेतु एकमुस्त प्रावधान

योजना आयोग

 

  • अतिरिक्त/केन्द्रीय सहायता
  • विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज
  • राज्य सरकार के अपने बजट से सड़कें
  • स्वायत्त जिला परिषदों, जिला परिषदों द्वारा निर्मित सड़कें

रक्षा मंत्रालय

 

  • सीमा सडक संगठन द्वारा सामरिक महत्व की सड़कें

गृह मंत्रालय

 

  • सीमा क्षेत्र विकास परियोजना
  • पहाड़ी क्षेत्र विकास परियोजना
  • सीमावर्ती सड़कें

पंचायतीराज मंत्रालय

 

  • पिछड़े क्षेत्र अनुदान निधि

बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय वित्तपोषण अभिकरण

 

  • विश्व बैंक
  • एशियाई विकास बैंक
  • अन्य

6. इसके अतिरिक्त, परियोजनाओं के भाग के रूप में सड़कों का वित्तपोषण करने वाले अन्य संगठन/मंत्रालय/विभाग भी होंगे । यह स्पष्ट है कि पूर्वोत्तर में सड़कों पर एक बड़ी धनराशि उपयोग की जा रही है और सड़क क्षेत्र में बहुत सी स्कीमें और संगठन शामिल हैं ।

Page Maintained By: 
श्री उदय शंकर, निदेशक

बुनियादी ढांचे

सामान्य