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नीपको

नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कार्पोरेशन लि. (नीपको)

 

(विद्युत मंत्रालय के अधीन पूर्वोत्तर क्षेत्र को समर्पित विद्युत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम)

 

(स्रोत: नेपको का न्यूजलेटर – फरवरी, 2011)

 

पूरी की गई परियोजना

 

कुल - 275 मे.वा.MW

  1. कोपिलि जल विद्युत संयंत्र. इसके तहत तीन विद्युत केंद्र हैं (उत्तरी कछार पहाड़ी जिला, असम):

     

    • खानडोंग विद्युत स्टेशन (2x25 मे.वा.) – 50 मे.वा.
    • कोपिली विद्युत स्टेशन (2x50 मे.वा. + 2x50 मे.वा.) – 200 मे.वा.
    • कोपिली विद्युत स्टेशन, चरण-II (1x25 मे.वा.) – 25 मे.वा.
  2. रंगानदी जल विद्युत परियोजना – अरुणाचल प्रदेश – वर्तमान में यह पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा विद्युत संयंत्र है– 405 मे.वा.
  3. दोयांग जल विद्युत परियोजना– नागालैंड – 75 मे.वा.
  4. असम गैस आधारित विद्युत संयंत्र– 291 मे.वा. – संयुक्त चक्रीय विद्युत केंद्र जिसमें 6 गैस और 3 वाष्प टर्बाइन हैं ।
  5. अगरतला गैस टर्बाइन प्लांट– 84 मे.वा. – 4 गैस टर्बाइनों वाला मुक्त साइकल

पूर्ण होने वाली परियोजनाएं

  1. पारे जल विद्यु परियोजना– 110 मे.वा. – दिकरोंग नदी संबंधी नदी स्कीम पर आधारित
  2. ट्युरिअल जल विद्युत परियोजना– मिजोरम – 60 मे.वा.
  3. त्रिपुरा गैस आधारित विद्युत परियोजना– 100 + 20 मे.वा. त्रिपुरा के मोनाचक में – जुलाई 2013 तक चालू होना निर्धारित।

पाइपलाईन परियोजनाएं

 

क्र. सं. परियोजना के नाम राज्य संस्थापित क्षमता (मे.वा.)
जल विद्युत
1. कामेंग-I ज.वि. परियोजना अरुणाचल प्रदेश 330
2. मॉपु ज.वि. परियोजना मेघालय 85
3. बोइनु ज.वि. परियोजना मिजोरम 635
4. लुंगरेंग ज.वि. परियोजना मिजोरम 815
5. मट-सेकवाई ज.वि. परियोजना मिजोरम 76
ताप विद्युत
1. गारो हिल्स कोयला आधारित ताप विद्युत परियोजना  मेघालय 500
2. अगरतला सी.सी. विस्तार परियोजना त्रिपुरा 40
3. पश्चिमी खासी हिल्स मेघालय 240
  कुल   2721

 

पूर्वोत्तर क्षेत्र में जल विद्युत की क्षमता

 

कुल 60,000 मे.वा. (सिक्किम को छोड़कर)

  1. अरुणाचल प्रदेश - 50328
  2. असम - 680
  3. मणिपुर - 1784
  4. मेघालय - 2394
  5. मिजोरम - 2196
  6. नागालैंड - 1574
  7. त्रिपुरा - 15

      कुल - 58971

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श्री उदय शंकर, निदेशक

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