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परियोजना विवरण

उत्तर पूर्वी ग्रामीण आजीविका परियोजना

 

विश्व बैंक से

 

सहायता प्राप्त

 

उद्देश्य

 

उत्तर पूर्वी ग्रामीण आजीविका परियोजना का उद्देश्य 4 उत्तर पूर्वी राज्यों में ग्रामीण आजीविका सुधार विशेषकर महिलाओं बेरोजगार युवकों और सर्वाधिक अलाभान्वितों की आजीविका में सुधार करना है । प्रस्तावित परियोजना के चार मुख्य घटक हैं-

  • सामाजिक अधिकारिता
  • आर्थिक अधिकारिता
  • विकास एवं प्रबंधन सहभागिता और
  • परियोजना प्रबंधन

निर्लेप के विशिष्ट परियोजना उद्देश्य ये हैं –

 

  • महिला स्वयंसहायता समूहों युवक-युवतियों के सहायता समूहों सामुदायिक विकास समूहों के लिए सतत सामुदायिक संस्थानों का सृजन ।
  • स्वसुशासन निचले स्तर से नियोजन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लोकतांत्रिक कार्यकरण हेतु सामुदायिक संस्थानों का क्षमता निर्माण ।
  • आर्थिक और आजीविका अवसरों में वृद्धि ।
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, लघु वित्त पोषण, विपणन लिंकेज और क्षेत्रीय आर्थिक सेवाओं और सामुदायिक संस्थानों में सहभागिता विकास ।

कवर किए गए जिले

 

राज्य जिला ब्लॉक
मिजोरम आइजोल फुलेन, एबॉक, दार्लावन, थिंगसुलथालीया, तलांगनुएम
लुंगलेई लुंगसेन, बंघमुन, लुंगलेई, हंथाइल
नागालैंड पेरेन तेनिंग, पेरेन, जलुकेई
तुएनसांग लाँगखिम, चारे, नोकसेन, सांगसंगयू, शामातोर, चेसोर, नोकलॉक, थोनोकनयू
सिक्किम दक्षिण नामची, जोरेथांग, नामथांग, रावोंगला, यांगांग, तेमीतर्कू, सुमबुक, सिक्किप
पश्चिम गयालशिंग, सोरेंग, युकसोम, डेनतम, कालुक, दारामदिन
पूर्वी जिले के 15 अत्यधिक गरीब पंचायत वाड्र बेन, थसा, अपर लिंगटेम, धानबारी, लोअरा सामलिक, मामरिंग (अम्बा मामरिंग गुम्पा), प्रेमलखा, सिंगनीबास, लोअर तारपिन, डोकचिन, ईस्ट मचोंग, नामरंग (तुमिन कर्मा चोलिंग गुम्पा) सिमिक (सिमिक दादुलिंग गुम्पा) कुतितार, नामिन
त्रिपुरा पश्चिम खटालिया, मेलाघर, बोक्सानगर, बिशालगढ़, जामपुजाला, दुकली, हेजामरा, मोहनपुर, जिरानिया, मंडवाई, मुगेंककामी, तेलीमुरा, कल्याणपुर, खोवाई, तुलाशीघर, पदमाबिल
उत्तर कुमारघाट, गौरनगर, कदमतला, पणिसागर, धामछारा, पेछरथाल, दासदा, जामपुहिल
 

अवधि – पांच वर्ष

 

लागत

 

डोनर मंत्रालय ने उत्तर पूर्वी ग्राम विकास परियोजना के क्रियान्वयन का विश्व बैंक की उदार ऋण सहायता से क्रियान्वयन का प्रस्ताव किया है । इस परियोजना की अनुमानित लागत 683.2 करोड़ रुपए (144.4 मिलियन डॉलर) है । विश्व बैंक 614.8 करोड़ रुपए (130 मिलियन डॉलर) (90%) का अंशदान आईडीए सरल ऋण के रूप में करेगा और डोनर मंत्रालय 68.4 करोड़ रुपए (14.4 मिलियन डॉलर) (10%) का अंशदान अपने बजट आबंटन से करेगा ।

 

अनुमोदन

  1. आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने अपनी 16.11.2011 की अपनी बैठक में उत्तर पूर्वी ग्रामीण आजीविका परियोजना के क्रियान्वयन हेतु आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति नोट को अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया ।
  2. अंतर्राष्ट्रीय विकास एसोसिएशन के कार्यपालक निदेशक मंडल ने 20 दिसंबर, 2011 को नेर्लेप के लिए 130 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण का अनुमोदन कर दिया ।
  3. विश्व बैंक और भारत सरकार के बीच 20.01.2012 को वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए ।

क्रियान्वयन व्यवस्था

 

नेर्लेप का क्रियान्वयन डोनर मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है जोकि केंद्रीय क्षेत्र परियोजना के चलते कार्यपालक अभिकरण है । इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के उत्तर पूर्वी आजीविका संवर्धन समिति गठित और मई, 2009 में गुवाहाटी में पंजीकृत की गई है । पूर्वोत्तर परिषद के सचिव इस समिति के पदेन अध्यक्ष हैं । समिति ने परियोजना निदेशक के पर्यवेक्षण में दिसंबर, 2009 से कार्य करना पहले ही शुरू कर दिया है ।

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सुश्री मर्सी Epao, उप सचिव

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