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कलादन बहु मॉडलीय पारगमन परिवहन परियोजना

 

 

 

 

परिचय

 

I. कार्यान्वयन प्राधिकरण– विदेश मंत्रालय (म्यांमार वाले क्षेत्र में)

 

   कार्यान्वयन एजेंसी – भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण

 

   अनुमानित लागत545.85 करोड़ रु.

 

II. कार्यान्वयन प्राधिकरण – सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग (मिजोरम वाले क्षेत्र में)

 

    कार्यान्वयन एजेंसी– लोक निर्माण विभाग, मिजोरम सरकार

 

    अनुमानित लागत – 550 करोड़ रु.

 

पृष्ठभूमि

 

कलादन बहु मॉडलीय पारगमन परिवहन सुविधा में पूर्व तटीय भारतीय बंदरगाहों और म्यांमार के सितवे बंदरगाह के बीच संपर्क और फिर नदीय परिवहन और सड़क मार्ग द्वारा मिजोरम तक संपर्क और इसके द्वारा पूर्वोत्तर भारत में सामानों के परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग प्रदान करने की संकल्पना की गई है । यह परियोजना भारत और म्यांमार के बीच संपर्क भी प्रदान करता है जो इन दोनों देशों के बीच व्यापार का विकास करेगा । यह मिजोरम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा ।

 

यह परियोजना कलादन नदी के साथ दो देशों के बीच व्यापार मार्ग का विकास करता है । कलादन नदी सितवे के निकट बंगाल की खाड़ी में अपने संगम स्थल से म्यांमार के उत्तरी हिस्से सेटपिटपिन (कलेतवा) तक नौचालन योग्य है । इसके आगे छिछली जलीय गहराई और बहुधा तेज बहाव के कारण यह नौचालन योग्य नहीं है । इस प्रकार इस क्षेत्र में सड़क मार्ग से परिवहन का प्रस्ताव है । सित्तवे बंदरगाह से कलेतवा तक यातायात जलमार्ग द्वारा और कलेतवा से भारत-म्यांमार सीमा परिवहन सड़क मार्ग द्वारा किया जाएगा ।

 

इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारत के स्थलरूद्ध पूर्वोत्तर क्षेत्र को संपर्क मार्ग प्रदान करना है । यह परियोजना सिल्लीगुड़ी कोरिडोर पर जबरदस्त दबाव और बंग्लादेश द्वारा उसके भू-भाग से होकर पारगमन अधिकार प्रदान करने को लेकर उसके निरंतर अड़ियल रवैये को देखते हुए महत्वपूर्ण है ।

 

परियोजना का मार्ग

 

a) कोलकाता से सित्तवे:                समुद्र               539 किमी.

 

b) सित्तवे से सेटपिटपिन:            अंतर्देशीय जल        225 किमी.
    (कलेतवा) कलादन नदी पर परिवहन

 

c) सेटपिटपिन से भारत :               सड़क              62 किमी.
    म्यांमार सीमा

 

भारत-म्यांमार सीमा के साथ हैंडलिंग स्थल

 

  • भारत में हैंडलिंग स्थल: मिजोरम में ह्माउंगबु (मोबु)
  • म्यांमार में हैंडलिंग स्थल : माइकवा

भारत और म्यांमार के अधिकारियों ने 21.12.2007 को निम्नलिखित समझौतों पर हस्ताक्षर किए:

  1. कलादन बहु मॉडलीय पारगमन परिवहन परियोसजना से संबंधित रूपरेखा समझौता;
  2. पारगमन परिवहन को सुकर बनाने के लिए मसौदा प्रोटोकॉल; और
  3. कलादन परियोजना के संयुक्त रख-रखाव और प्रशासन संबंधी मसौदा प्रोटोकॉल ।

विदेश मंत्रालय ने इस परियोजना को पूर्ण रूप से वित्तपोषित करने और इसके पूर्ण होने के बाद परियोजना को म्यांमार पक्ष को सौंपने का निर्णय लिया है । रूपरेखा समझौता और सहायक प्रोटोकॉल पर अप्रैल, 2008 के प्रथम सप्ताह में हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

 

बंदरगाह और जलमार्ग के उन्नयन और कलेतवा से भारत-म्यांमार सीमा तक सड़क निर्माण संबंधी परियोजना गतिविधियों के वर्ष 2011-12 तक पूर्ण हो जाने की आशा है । म्यांमार वाले हिस्से के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को विदेश मंत्रालय द्वारा परियोजना विकास परामर्शदाता नियुक्त किया गया है । वे म्यांमार वाले हिस्से के लिए रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया में लगे हैं।

 

II. मिजोरम में म्यांमार सीमा से एनएच-54 तक सड़क संपर्क लिंकेज । म्यांमार में सित्तवे बंदरगाह तक सड़क संपर्क प्रदान करने के लिए लांगतलाई (मिजोरम) के समीप से म्यांमार सीमा तक 117 किमी. के दो लेन वाले राजमार्ग का निर्माण प्रस्तावित है जिसे कलादन बहु मॉडलीय परियोजना के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है । सड़क, परिवहन और राजमार्ग विभाग ने 12 मीटर चौड़े दो लेन वाले राजमार्ग के निर्माण का प्रस्ताव किया है । इसके लिए अनुमानित लागत 550 करोड़ रु. है और यह एसएआरडीपी-एनई के चरण-ए में शामिल है । यह सड़क मिजोरम के लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही है ।

 

 

 

23.02.2011 को स्थिति

 

04.05.2012 को स्थिति

 

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श्री उदय शंकर, निदेशक

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