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परियोजनाएं

एनएलसीपीआर – केंद्रीय

 

वार्षिक योजना 2012-13 (342.36 करोड़ रु.) एवं

 

12वीं योजना (2012-2017) (3419.70 करोड़ रु.) के लिए

 

डोनर मंत्रालय के प्रस्ताव

 

 

परियोजना 12-13 (अनु.यो.) 13-14 (अनु.यो.) 14-15 (अनु.यो.) 15-16 (अनु.यो.) 16-17 (अनु.यो.) 12वीं योजना
1. अरूणाचल प्रदेश में पारेषण एवं वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण 108.62 348.99 628.09 581.32 193.61 1860.63
2. सिक्किम में पारेषण एवं वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण 82.74 239.42 412.38 337.12 81.41 1153.07
विद्युत मंत्रालय ने 25.10.2011 के कार्यालय ज्ञापन द्वारा सूचित किया है कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र और सिक्किम के लिए व्यापक स्कीम 11,500 करोड़ रु. की सहायता के लिए विश्व बैंक के पास दिखाई गई थी । चूंकि अरूणाचल प्रदेश और सिक्किम सीमावर्ती राज्य हैं, इसलिए उन्हें विश्व बैंक की सहायता से अलग रखा गया है । इसलिए डोनर मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश और सिक्किम के मामले में परियोजनाओं के संयुक्त अनुमानित लागत 3013.70 करोड़ रुपए एनएलसीपीआर – केंद्रीय के अंतर्गत वित्तपोषित किए जाने का अनुरोध किया है । वार्षिक योजना 2012-13 में प्रदर्शित अपेक्षित आबंटन 191.36 करोड़ रुपए (108.62 करोड़ रुपए+82.74 करोड़ रुपए) था । वार्षिक योजना 2012-13 और 12वीं योजना 2012-17 के प्रस्ताव डोनर मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत चरणबद्ध वर्षवार व्यय पर आधारित हैं । कार्यालय ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि योजना आयोग से सिद्धांततः अनुमोदन के लिए अनुरोध किया गया था ।
3. तूरियल जल विद्युत मिजोरम 100.00 100.00 100.00     300.00
यह परियोजना निपको, विद्युत मंत्रालय के क्रियान्वयनाधीन है ।आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने 30.12.2010 को 913.63 करोड़ रुपए की लागत से इस परियोजना की पुनरूद्धार योजना को अनुमोदित कर दिया है जिसमें 300 करोड़ रुपए सहायता अनुदान के रूप में डोनर मंत्रालय द्वारा दिए जाएंगे ।अनुमोदित निवेश 2010-11 से 2012-13 तक डोनर मंत्रालय द्वारा 100 करोड़ रुपए के वार्षिक अंशदान को दर्शाता है । निर्धारित समयावधि अनुसार क्रियान्वयन प्रगति की स्थिति में हम वर्ष 2012-13 में समग्र 300 करोड़ रुपए की राशि प्रदान करेंगे । बहरहाल, वार्षिक योजना 2012-13 के मसौदे में निपको के प्रस्ताव में बताया गया है कि सड़को की दुर्दशा और भारी मानसून वर्षा के कारण प्रगति की स्थिति अच्छी नहीं है । इसलिए मार्गपरिवर्तन सुरंग के कार्य में प्रगति धीमी रही और केवल मार्ग परिवर्तन सुरंग का कार्य पूर्ण होने के पश्चात केवल बांध कार्य ही शुरू किया जाएगा । इसको ध्यान में रखते हुए डोनर मंत्रालय का अंशदान 2012-13 (अनु.यो.) से 2014-15 के लिए 100 करोड़ रु. प्रति वर्ष की दर से शुरू कर दिया जाना चाहिए ।
4. अगरतला-अखूरा रेल लिंकk, त्रिपुरा 50.00 55.00       105
यह परियोजना रेल मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित की जा रही है । कुल लागत 252 करोड़ रु. में से विदेश मंत्रालय बंगला देश के हिस्से के रूप में 146.36 करोड़ रु. प्रदान करेगा और भारत/तिब्बत का हिस्सा 105 करोड़ रुपए एनएलसीपीआर केंद्रीय द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा । हम पहले ही 2012-13 (अनु.यो.) के लिए अनंतिम तौर पर 100 करोड़ रुपए प्रदर्शित कर चुके हैं जोकि दिए गए इस तथ्य से अधिक प्रतीत होता है कि हम केवल 105 करोड़ रुपए का ही वित्तपोषण कर रहे हैं इसलिए यह प्रस्ताव है कि वर्ष 2012-13 का परिव्यय 50 करोड़ रुपए और शेष राशि 2013-14 (अनु.यो.) के लिए रखी जाए ।
5. पाण्डु (गुवाहाटी) में स्लिप वे का निर्माण 0.50         0.50
6. एनडब्ल्यू 2 से निकटतम राष्ट्रीय राजमार्ग सहित आईडब्ल्यूटी टर्मिनलों को सड़क से जोड़ना । 0.50         0.50
भारतीय अंतर्राज्यीय जलमार्ग प्राधिकरण, जहाजरानी मंत्रालय ने दो परियोजनाओं (i) पाण्डु (गुवाहाटी) में स्लिप वे का निर्माण (ii) एनडब्ल्यू 2 से निकटतम राष्ट्रीय राजमार्ग सहित आईडब्ल्यूटी टर्मिनलों को सड़क से जोड़ना इस स्कीम से वित्त पोषित किए जाने का प्रस्ताव है । अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है और इसीलिए क्रियान्वयन की अनुमानित लागत और रूपात्मकताएं अभी निश्चित नहीं की गईं हैं । उन्होंने वर्ष 2012-13 के लिए क्रमशः 20.00 करोड़ रु. और 10.00 करोड़ रु. के बजटीय प्रावधान का प्रस्ताव किया है । इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हम वर्ष 2012-13 के लिए केवल सांकेतिक प्रावधान की प्रस्ताव कर सकते हैं लेकिन 12वीं योजना में वास्तविक प्रावधान के लिए अनुमानित लागत अनुमान तैयार होने के बाद ही संभव हो सकेगा ।
  कुल 342.36 743.41 1140.47 918.44 275.02 3419.70

 

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एनएलसीपीआर, निदेशक

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